इंडिया की वो जगाहें जहाँ भारतीयों के जाने पर लगा है बैन, नाम जान कर विश्वास करना मुश्किल


साल 1947 में भारत अंग्रेजों की गुलामी से आज़ाद हुआ, अंग्रेजों ने भारत पर करीब 200 सालों तक राज किया. इतने सालों में अंग्रेजों ने भारतीयों को अपना गुलाम बना कर रखा उन्हें हर तरीके से प्रताड़ित किया गया.

भारत जिसे कभी सोने की चिड़िया कहा जाता था. जब अंग्रेज गए तो सब कुछ लूट कर ले गए और भारत को एक गरीब देश बना कर छोड़ गए. अंग्रेजों ने भारतीय को अपना नौकर बना कर रखा और हमेशा यही समझते रहे कि भारतीय अनपढ़ और जाहील है.

आप इस बात का अंदाज़ा इसी से लगा सकते हो कि ब्रिटिशर्स अपनी मौज मस्ती की जगहों या रेस्टोरेंट के बाहर एक बोर्ड लगा देतें थे जिसमे लिखा होता था ‘डॉग्स एंड इंडियन आर नॉट अलाउड’ मतलब कुत्तों और भारतीयों का अंदर आना मना है.

हुबहू यही दृश्य साल 1985 में अमिताभ बच्चन की आई फिल्म ‘मर्द’ में दिखाया गया था. और लगता है कि अंग्रेजों की वो मानसिकता आज तक चलती आ रही है.

हम इसलिए ऐसा बोल रहे है क्योंकि आज भी देश में कुछ ऐसी जगह है जहाँ इंडियन के जानें पर रोक है. पर इन जगहों पर अंग्रेज बड़े आराम से जा सकतें है. तो चलिए आप को बताते है वो जगह कहाँ है.

कसोल गावं
हिमाचल प्रदेश का एक छोटा सा गावं. जहाँ भारतीय न के बराबर है. यहाँ सिर्फ इज़राइली लोग रहतें है. तभी इसे मिनी इजरायल कहाँ जाता है. यहाँ जिन भारतीयों के मकान है वे सिर्फ विदेशियों को ही रूम रेंट पर देतें है. अगर यहाँ कोई इंडियन रूम लेना भी चाहें तो यहाँ के लोग देनें में आनाकानी करतें है.

पुडुचेरी के बीच
तमिलनाडु का एक छोटा सा शहर. जहाँ बहुत कम ही लोग रहतें है.यहाँ ज्यादा तर सिर्फ विदेशी टूरिस्ट ही आते है. पुडुचेरी के कुछ बीच ऐसे है जहाँ भारतीयों का जाना माना है.इस बीच पर आप को सिर्फ विदेशी टूरिस्ट घूमते दिखंगे. लेकिन इंडियन नहीं दिखते.

यूनो-इन होटल, बेंगलुरू
आप को जान कर आश्चर्य होगा लेकिन ये बिल्कुल सच है कि इस होटल में भारतीयों की एंट्री बैन थी. ये होटल साल 2012 में केवल जापानी लोगों के लिए ही बनवाया गया था पर किसी करण के चलतें बाद में इस होटल को साल 2014 में सील कर दिया गया था.

गोवा के बीच
पुडुचेरी की तरह यहाँ के भी कुछ बीच पर भारतीय नहीं जा सकते. गोवा वैसे तो यहाँ का माहौल तो पार्टी और शराब के लिए काफी मशूहर पर गोवा के कुछ ऐसे बीच है जहाँ भारतीयों को जाने से रोका जाता है. यहाँ के लोगों का ये मानना है कि भारत के टूरिस्ट विदेशी महिलाओं पर गंदे गंदे कमेंट करते है. जिसकी वजह से यहाँ के कुछ बीच पर भारतीयों को बैन किया गाया है.

अंडमान और निकोबार जनजातियाँ का इलाका
यहाँ का कुछ ऐसे इलाके है जहाँ की जनजातियों का बाहर की दुनिया से बिल्कुल भी कनेक्ट नहीं है.
यहाँ के लोगों के लिए कहा जाता है कि अगर कोई भी बाहर के लोग आते है तो जिंदा वापस नहीं जा पाते है.


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