कहीं आपको भी थाइराइड तो नहीं? ऐसे करें बचाव


जानें क्या है थाइराइड और इससे बचने के क्या हैं उपाए

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अगर आजकल आप बहुत ज्यादा भुलने लगीं हैं। किसी काम में ध्यान नहीं लगा पातीं। अचानक आपका वजन ज्यादा बढ़ने या कम होने लगा है। बेवजह थकान महसूस कर रही हैं। तो हो जाइए सावधान, इन लक्षणों को नजरअंदाज ना करें। ये थाइरॉइड के लक्षण हो सकते हैं।
थायराइड आजकल आम बीमारी हो गई है। खासतौर पर महिलाएं सबसे ज्यादा शिकार होती हैं। हर दस थायराइड मरीजों में से आठ महिलाएं ही होती हैं। आमतौर पर शुरुआती दौर में थायराइड के किसी भी लक्षण का पता आसानी से नही चल पाता और जब तक इसे गंभीरता से लिया जाता है, तब तक यह भयानक रूप ले लेता है। इसलिए थायराइड के प्रारंभिक लक्षणों के बारे में जानकारी होनी चाहिए।

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क्या है थाइराइड

थायरायड ग्रंथि गर्दन में श्वास नली के ऊपर एवं स्वर यंत्र के दोनों ओर दो भागों में बनी होती है। इसका आकार तितली जैसा होता है। थायराइड ग्रंथि थाइराक्सिन नामक हार्मोन बनाती है, जिससे शरीर के ऊर्जा क्षय, प्रोटीन उत्पादन एवं अन्य हार्मोन के प्रति होने वाली संवेदनशीलता नियंत्रित होती है।

थाइराइड कितने प्रकार का होता है

थाइराइड को साइलेंट किलर भी कहा जाता है। थायराइड के मुख्यतः दो प्रकार होते है जो एक दुसरे से पूरी तरह भिन्न होते है, साथ ही इनके लक्षण भी एक दुसरे से अलग ही होते हैं।
1. हाइपोथायराइडिज्म
2. हाइपरथायराइडिज्म

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हाइपोथायराइडिज्म– हाइपोथायराइडिज्म में थायराइड ग्रंथि हार्मोन के स्तर में कमी कर देती है। इसमें व्यक्ति को किसी तरह का रोग इत्यादि नहीं होता बल्कि उसकी चयापचय की गति धीमी हो जाती है। इसका इलाज करने के लिए मरीज को थायराइड हार्मोन ही दिए जाते हैं। कोई व्यक्ति हाइपोथायराइडिज्म से पीड़ित है या नही इसका पता T3 और T4 की कमी या फिर TSH की वृद्धि से किया जा सकता है।

हाइपोथायराइडिज्म के लक्षण

कब्ज, हाथ- पैर में सूजन, बाल झड़ना, अचानक वजन बढ़ना, डिप्रेशन, चिड़चिड़ापन, शरीर ठंडा हो जाना, अनियमित माहमारी

हाइपरथायराइडिज्म– इसमें थायराइड ग्रंथि हार्मोन के स्तर में वृद्धि कर देती है। हाइपरथायराइडिज्म में व्यक्ति को ग्रेव्स रोग होने की पूरी सम्भावना रहती है। साथ ही उसकी चयापचय की गति तेज हो जाती है। इनका इलाज करने के लिए रोगी को थायराइड विरोधी दवायें दी जाती है। हाइपरथायराइडिज्म में व्यक्ति के शरीर में T3 और T4 की वृद्धि हो जाती है जबकि TSH की मात्रा कम हो जाती है।

हाइपरथायराइडिज्म के लक्षण

कमजोरी, पसीना आना, बाल झाड़ना, शरीर में कंपन, वजन का कम होना , हृदय गति का बढ़ना, त्वचा में खुजली इत्यादि

थाइराइड में किन चीजों से परहेज करें

1. आयोडीन वाला खाना– चूंकि थायराइड ग्लैंड्स हमारे शरीर से आयोडीन लेकर थायराइड हार्मोन पैदा करते हैं, इसलिए हाइपोथायराइड है तो आयोडीन की अधिकता वाले खाद्य पदार्थों से जीवनभर दूरी बनाए रखें। सी फूड और आयोडीन वाले नमक को अवॉइड करें।

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2. कैफीन– कैफीन वैसे तो सीधे थाइराइड नहीं बढ़ाता, लेकिन यह उन परेशानियों को बढ़ा देता है, जो थायराइड की वजह से पैदा होती हैं, जैसे बेचैनी और नींद में खलल।

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3. रेड मीट– रेड मीट में कोलेस्ट्रॉल और सेचुरेडेट फैट बहुत होता है। इससे वेट तेजी से बढ़ता है। थाइराइड वालों का वेट तो वैसे ही बहुत तेजी से बढ़ता है। इसलिए इसे अवॉयड करें इसके अलावा रेड मीट खाने से थाइराइड वालों को बदन में जलन की शिकायत होने लगती है।

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4. एल्कोहल– एल्कोहल यानी शराब़, बीयर वगैरा शरीर में एनर्जी के लेवल को प्रभावित करता है। इससे थाइराइड की समस्या वाले लोगों की नींद में दिक्कत की शिकायत और बढ़ जाती है। इसके अलावा इससे ओस्टियोपोरोसिस का खतरा भी बढ़ जाता है।

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5. वनस्पति घी– वनस्पति घी अच्छे कोलेस्ट्रॉल को खत्म करते हैं और बुरे को बढ़ावा देते हैं। बढ़े थाइराइड से जो परेशानियां पैदा होती हैं, ये उन्हें और बढ़ा देते हैं। ध्यान रहे इस घी का इस्तेमाल खाने-पीने की दुकानों में जमकर होता है। इसलिए बाहर का फ्राइड खाना न ही खाएं।


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कैसे करें बचाव

अगर आपको थाइराइड हो गया है तो इसे सर्जरी के माध्यम से ही पूरी तरह से ठीक किया जा सकता है। थाइराइड के लिए अभी तक ऐसी दवा नहीं है जो इसे पूरी तरह से खत्म कर सके। लेकिन परहेज से इसे बढ़ने से रोका जा सकता है। नियमित डॉक्टर की सलाह लें। नियमित व्यायाम करें और धूम्रपान करने से बचें।


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