मुस्लिम डिलीवरी बॉय की वजह से कैंसिल किया आर्डर, फिर ज़ोमैटो के जवाब ने अकल ठिकाने लगा दिया


हिंदी फिल्म ‘धुप की फूल’ का एक गाना था. ‘तू हिंदू बनेगा न मुसलमान बनेगा इंसान की औलाद इंसान बनेगा’ ये गाना हम सब ने सुना होगा. बहुत ही सुंदर था. जब ये गाना बनाया गया था तब इसके लेखक ने ये नहीं सोचा होगा कि इंसान का दिमाग कितना नीचे तक गिर सकता है.

क्योंकि अब जो हुआ है उस से यही समझा जा सकता है कि इस संसार में किस किस टाइप के लोग रहते है. लोगों की मानसकिता पर एक बहुत बड़ा प्रश्न चिन्ह है.

खैर, अब आप को बता देते है कि आखिर ऐसा हुआ क्या है कि जिस वजह हमने लोगों की सोच पर ही सवाल ऊठा दिया है? दरअसल हुआ ये है कि एक महाशय जिनका नाम है पंडित अमित शुक्ल इनका ट्विटर हैंडल है @NaMo_SARKAAR. इन्होने खाना डिलीवर करने वाली कंपनी ज़ोमैटो (जिसका एप भी है) को एक ट्वीट किया. ट्वीट में लिखा कि मैंने अभी अभी अपना एक आर्डर कैंसिल किया है क्योंकि ये लोगों खाना डिलीवर करने के लिया एक गैर हिंदू को भेज रहे थे. इनके ट्वीट के हिसाब से नॉन हिंदू राइडर!


अपने ट्वीट में इन्होने जोमैटो को टैग कर के लिखा मैंने अभी जोमैटो पर अपना ऑर्डर कैंसिल कर दिया क्योंकि वो एक गैर हिंदू को मेरा खाना लेकर भेज रहे थे. मेरे मना करने पर भी उन्होंने डिलीवरी ब्वॉय को बदलने से इनकार कर दिया. मैंने उनसे कहा कि वो मुझ पर इस तरह खाना लेने के लिए दबाव नहीं बना सकते हैं और मुझे रिफंड देने की कोई जरूरत नहीं है.

इस पर जोमैटो ने जो जवाब दिया उसने पंडित जी के दिमाग के परखच्चे उड़ा दिए. ज़ोमैटो ने लिखा, भोजन का कोई धर्म नहीं होता, भोजन खुद में एक धर्म है.


अमित ने इस ट्वीट के बाद जोमैटो को कई ट्वीट किए इसमें उन्होंने आरोप लगते हुए कहा कि ज़ोमैटो हमें उन लोगों से डिलीवरी लेने पर मज़बूर कर रही है. जिन्हें ‘हम नहीं चाहते’. ऊपर से पैसे भी नहीं लौटाते. मैं ये ऐप हटा रहा हूं और अपने वकीलों से भी इस बारे में बात कर रहा हूं.

इन्ही में से एक ट्वीट में डीलिवर बॉय बदलने की वजह लिखी थी. जिसको देखकर मुझे अपने स्कूल के दिन याद आ गए. जब हम स्कूल में थे तो हमारा प्रिंसिपल बाल काटने को लेकर हम लोगों से खूब बोलता था. तो हम लोग उसको वही जवाब देते थे जो पंडित जी ने जोमैटो को दिया. अमित ने लिखा था सावन चल रहा है और डिलीवरी वाला मुसलमान है.

आप को भी कुछ समय से ऐसी खबरें सुनने को मिल रही होंगी जिसमे ऐसे कुछ धर्म के ठेकेदार कभी कैब कैंसिल कर देतें है तो कभी कुछ और. और इस बार भी ऐसा ही कुछ हुआ है.

इस सब के बाद जोमैटो ने उन्हें ब्लॉक कर दिया. वैसे पंडित जी ने जान कर किया या फिर अंजाने में ये तो नहीं कहा जा सकता, पर इतना जरुर कहा जा सकता है कि बचपन में एक मुहावरा सुना था अकल बड़ी या भैंस. इस मामले में पंडित जी के हिसाब से भैंस बड़ी है क्योंकि अकल तो उनकी एटम के इलेक्ट्रान से भी छोटी है.

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